ज़िंदगी का अन्मोल सफर

उस सुबह के उजाले में कहीं छुप सा गया वह डर, जो चाहकर भी ना माँगा वो मिल गया इस डगर ||
अाज तकदीर ने कुछ इस तरह मिलायी है नज़र, कि हर मुश्किल में भी हँस जाते हैं हम अब ||
लोग कहते हैं हम पागल हैं जो बेवजह हँस देते हैं,
पर इन मूर्खों को कैसे समझाँएें ? आज वह पाया है जो अरसों से खोज रहे थे हम ||
हाँ वह खुशी जिसे तलाश रहे थे हम, कदमों में आ गिरी है इस पल ||
हाँ वह चैहरा जिसे भुला दिए थे हम, माँग रहा है अपनी गलतियों की माफियाँ अब ||
हाँ वह लोग जिन्हें दूर देर तक पुकारते थे हम,
उन अँधेरी रातों में नम आँखों से तकिया गीला कर देते थे हम,
अपने ही बसेरे में अनजाना सा व्यतीत होता था तब ||
अागे क्या बताएें? सब पलट गया है अब ||
हँसते-हँसते कट जाते हैं दिन, बीती बातों पर परदा डाल दिया है अब ||
जानते हैं भीतर हम, ज़िन्दा है वह प्यार आज भी कहीं उनके दिल के किसी कोने में,
इस भाग-दोड भरी ज़िन्दगी में वक्त होता है बहुत कम,
परंतु सुना है, प्यार करने वाले तो रहते हैं त्यार हर दम, हर पल ||
एहसास है आज भी समय निकालते हैं वह, बीती बातें याद कर मुस्कुरा लेते हैं वह ||
हम खुश हैं उनकी हर खुशी में, परंतु अब तो उनके बिना जीना ही पसंद करने लगे हैं हम ||
क्योंकि जिस प्रकार हँसते-हँसते कट जाते है दिन,
उसी प्रकार हँसते-हँसते कट जाएगी यह खूबसूरत-सी ज़िंदगी ||

life-spirit-feature-img

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s